गोंडा, जुलाई 29 -- Gonda News: उमरी बेगमगंज, संवाददाता। सरयू नदी के तट पर मगरमच्छ के जानलेवा हमले के बाद बहादुरी के साथ बचाए गए युवक की आखिरकार लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण उसके पैर में संक्रमण (सेप्टीसीमिया) फैल गया। इसकी वजह से उसकी जान चली गई। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा है। बीते 24 जून को सोनौली स्थित सरयू नदी के तट पर भानु (42) पुत्र रघुनाथ चौहान निवासी निश्चिंत पुरवा सोनौली मोहम्मदपुर बाढ़ राहत कार्य के लिए बनाए जा रहे पक्के स्पर को देखने गया था। यह भी पढ़ें- मगरमच्छ के जबड़ों से बचा था भानु, उचित इलाज न मिलने से गई जान इसी दौरान नदी में छिपे मगरमच्छ ने अचानक उस पर ...