गोंडा, अक्टूबर 4 -- Gonda News: उमरी बेगमगंज। घाघरा का जलस्तर पूरी तरह घटने के बाद भी तटीय क्षेत्रों के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। गांवों के संपर्क मार्गों पर जगह-जगह कीचड़ जमा होने से आवागमन में परेशानी बनी हुई है। खेतों में खड़ी धान की फसल बर्बाद होने से किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ नजर आ रही है। वहीं सबसे ज्यादा परेशानी पशुपालकों के सामने खड़ी हो गई है। बाढ़ में चारा खराब होने के बाद भूसा नहीं मिलने से कई पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर दूसरे गांवों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। ऐली परसौली में बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन पशुओं के चारे का संकट बरकरार है। ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के दौरान घरों में रखा भूसा और खेतों में लगी घास पानी में डूबकर खराब हो गई। अब मवेशियों के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ऐसे मे...