गोंडा, अक्टूबर 26 -- Gonda News: गोण्डा, संवाददाता। जिले में दूध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का बड़ा आधार है। प्रतिदिन करीब 4.50 लाख लीटर दूध उत्पादन से हजारों पशुपालकों की आजीविका जुड़ी है। सहकारी समितियों और निजी डेयरियों के जरिए दूध दूसरे शहरों तक पहुंच रहा है, लेकिन खाद्य पदार्थो की जांच के आंकड़े सेहत के लिए खतरे का साफ इशारा कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने छापेमारी के दौरान भरे गए दूध, पनीर के अधिकांश नमूने फेल मिलने से बड़े पैमाने में पर मिलावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। जिले में करीब 350 दुग्ध समितियां संचालित हैं। इसके अलावा सात से आठ निजी डेयरी भी कारोबार में सक्रिय हैं। सहकारी और निजी डेयरियों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 1.65 लाख लीटर दूध खरीदे जाने की बात जिम्मेदार कह रहे हैं। जिले म...