गोड्डा, जुलाई 24 -- Godda News: गोड्डा में सिंचाई योजनाओ पर करोड़ों खर्च होने के बाबजूद जिला के किसान वर्षा जल पर निर्भर हैं। डैम, तालाब, डोभा और नहरों का निर्माण भी हुआ, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी गोड्डा के अधिकांश किसान खेती के लिए केवल बारिश का इंतेजार करते हैं। समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने से इस वर्ष धान की खेती संकट में है। हालात ऐसे हैं कि सरकार फसल क्षति के आकलन और मुआवजे की तैयारी तो कर रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि यदि सिंचाई व्यवस्था मजबूत होती तो ऐसी स्थिति ही उत्पन्न नहीं होती। जिला कृषि विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष अब तक मात्र 16.30 प्रतिशत धान का आच्छादन हो पाया है, जबकि जिले में करीब 51 हजार 500 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती होती है। वर्तमान समय धान की रोपनी का है। पिछले कुछ दिनों से रुक रुक कर हुई बारिश क...