गाजीपुर, अक्टूबर 27 -- Ghazipur News: भांवरकोल, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के शेरपुर कला गांव में अमर शहीद के परिवार की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का सातवां और अंतिम दिन भक्ति एवं वैराग्य के वातावरण में संपन्न हुआ। कथा व्यास मंजेश पांडेय ने सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथाव्यास ने कहा कि सुदामा अत्यंत सरल स्वभाव के और भगवान श्रीकृष्ण के परम मित्र थे। घोर गरीबी के बावजूद वे सदैव भगवान के स्मरण में लीन रहते थे। पत्नी सुशीला के आग्रह पर वे द्वारका पहुंचे, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया और स्वयं उनके चरण पखारे। यह प्रसंग सच्ची मित्रता और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि भगवान की कृपा से सुदामा की गरीबी दूर हो गई, ...