Ghaziabad News: बुढ़ापे में अपनों का साथ छूटा तो आश्रम बना जिंदगी का ठिकाना
गाज़ियाबाद, अक्टूबर 1 -- Ghaziabad News: गाजियाबाद, मोहित शर्मा। कहते हैं मां-बाप बच्चों के लिए पूरी जिंदगी कुर्बान कर देते हैं, लेकिन जब बुढ़ापे में उन्हें सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब कई बार अपने ही साथ छोड़ देते हैं। दुहाई स्थित सरकारी वृद्धाश्रम में करीब 100 बुजुर्ग अपना जीवन काट रहे हैं। जिनकी दर्द भरी कहानियां रिश्तों की हकीकत बयां करती हैं। दुहाई में सरकारी स्तर पर वृद्धाश्रम का संचालन होता है। यहां करीब 100 बुजुर्ग रह रहे हैं। कोई बेटे की बेवफाई का शिकार होकर आया है, तो कोई बहू के अत्याचार से तंग आकर. शुरुआती दिनों में हर बुजुर्ग यहां खुद को अकेला महसूस करता है, लेकिन धीरे-धीरे यही आश्रम उनका दूसरा घर बन जाता है। यहां रहने वाले बुजुर्ग एक-दूसरे का सहारा बनते हैं और अपने गम भुलाने की कोशिश करते हैं। आश्रम में बुजुर्गों को...
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