गाज़ियाबाद, जुलाई 21 -- Ghaziabad News: गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। जिले के सरकारी अस्पतालों में न्यूरोलॉजी चिकित्सक नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को निजी अस्पताल या दिल्ली दौड़ना पड़ रहा है। मानसिक रोग विभाग में आने वाले 25 फीसदी मरीजों में ब्रेन, नसों की बीमारी मिल रही हैं। जिले के सबसे बड़े एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 70 मरीज सिरदर्द, चक्कर, हाथ-पैरों में कमजोरी, दौरे और अन्य तंत्रिका संबंधी शिकायतों के साथ पहुंचते हैं। वहीं गैर संचारी विभाग स्थित मानसिक रोग विभाग में हर महीने 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। साइकेट्रिस्ट डा. साकेत नाथ तिवारी का कहना है कि ओपीडी में 25 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह और विशेष जांच की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण इन मरीजों को उच्च संस्थानों के ...