नई दिल्ली, जून 25 -- रत्न और ज्योतिष शास्त्र में पुखराज को गुरु यानी बृहस्पति से जुड़ा रत्न माना जाता है। मान्यता है कि इस रत्न के जरिए ज्ञान, धन, और शादीशुदा जिंदगी में शांति के साथ-साथ मान-सम्मान में भी वृद्धि होती है। यही वजह है कि पुखराज धारण करने के बाद लोगों के लिए तरक्की के नए-नए रास्ते खुलने लग जाते हैं। हालांकि ये रत्न जितना पावरफुल है उससे भी ज्यादा इसे पहनने के नियम भी उतने ही कड़े हैं। ऐसे में इसे धारण करने के कुछ नियम भी हैं जिनका पालन जरूर करना चाहिए। मान्यता है कि अगर कोई व्यक्ति पुखराज पहनकर नॉनवेज खाता है इससे पुखराज की पवित्रता को नुकसान पहुंचता है। इसी वजह से ज्योतिष और रत्न शास्त्र में इस गलती से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे गुरु दोष लगता है।क्या है गुरु दोष? ज्योतिष शास्त्र में गुरु को सबसे सात्विक ग्रह के रूप...