गौरीगंज, अक्टूबर 19 -- Gauriganj News: अमेठी। संवाददाता गौरीगंज की रामलीला में रावण का पुतला सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल भी है। यहां 117 साल से चली आ रही रामलीला और दशहरा मेले की परंपरा में चौक बाजार निवासी नसीर अहमद का परिवार तीन पीढ़ियों से रावण का पुतला तैयार कर रहा है। दिन में ताला-चाभी बनाने और उनकी मरम्मत करने वाले नसीर दशहरा नजदीक आते ही रावण का पुतला बनाने में जुट जाते हैं। यह भी पढ़ें- Mau News: 500 साल पुरानी रामलीला की परंपरा, ग्रामीण बनाते हैं रावण का पुतलातीन पीढ़ियों से जारी परंपरा नसीर अहमद बताते हैं कि उनके बाबा और पिता भी रावण का पुतला बनाते थे। पिता को काम करते देखकर उन्होंने यह हुनर सीखा। अब वह अपने पुरखों की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके लिए यह महज काम नहीं, बल्कि परि...