गौरीगंज, सितम्बर 24 -- Gauriganj News: अमेठी। डॉक्टर मरीज की बीमारी पहचानकर उचित परामर्श तो देते हैं, लेकिन परामर्श के अनुसार दवा व अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में फार्मासिस्ट की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। गांवों में आज भी आम फार्मासिस्ट को कंपाउंडर साहब ही कहकर बुलाया जाता है। कौन सी दवा कितनी मात्रा में और कब लेनी है इसकी जानकारी देने का काम फार्मासिस्ट ही करता है है। इतने महत्त्वपूर्ण होने के बाद भी जिले में पर्याप्त फार्मासिस्ट नहीं हैं। जिले के सीएचसी व पीएचसी आदि पर ड्यूटी के लिए कुल 62 पद सृजित हैं लेकिन 47 फार्मासिस्ट ही कार्यरत हैं। फार्मेसी नियमों पर गौर करें तो दवाओं के रख रखाव, दवा वितरण के साथ ही बीमार लोगों के काउंसिलिंग व आपातकालीन सेवा आदि की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट की होती है। लेकिन पद सृजन के सापेक्ष फार्मासि...