गौरीगंज, अगस्त 10 -- Gauriganj News: शुकुल बाजार। विकास खंड में एक ऐसा स्थान है जहां मुगलों के आक्रमण के बाद शिव मंदिर को जमींदोज कर दिया गया था। मुगल काल के बाद हिंदू धर्म के अनुयाइयों द्वारा मूर्तियां खोद कर निकली गई वहीं मंदिर बनाकर पूजा शुरू हुई। ब्लाक मुख्यालय से चार किलोमीटर दूरी पर रानीगंज मार्ग के किनारे कुड़वासुर महादेव का मंदिर स्थित है। यहां प्रत्येक सोमवार को शिवभक्तों की भीड़ होती है। जलाभिषेक कर लोग पूजन अर्चन करते हैं। इतिहास

इतिहास किंवदंती है कि सैकड़ों वर्ष पहले यहां लखौरी ईंटों से विशाल शिव मंदिर बना था। इसे आतताइयों ने तोड़ दिया था। काले व सफेद पत्थर की भगवान शिव की मूर्ति मलवे में दबी पड़ी थी। गांव के लोगों ने खुदाई कर मूर्ति निकाली और उसी स्थान पर अवढरदानी का मंदिर बनाने की ठान ली। दो दशक पहले यहां एक बड़ा शिवाला बन...