Garud Puran: पिता के जीवित रहते बेटा भूलकर भी ना करें ये 5 काम, नहीं तो भुगतने पड़ेंगे गंभीर परिणाम
नई दिल्ली, जुलाई 14 -- हिंदू धर्म और गरुड़ पुराण में पिता को साक्षात देवता माना गया है। जब तक पिता जीवित हैं, वे ही परिवार के मुख्य देवता हैं। उनकी उपस्थिति में पुत्र को कुछ कामों से बचना चाहिए, अन्यथा यह कुल की परंपरा और पितृऋण का अपमान माना जाता है। गरुड़ पुराण स्पष्ट रूप से बताता है कि पिता के जीवित रहते कुछ जिम्मेदारियां पुत्र पर नहीं आनी चाहिए।घर के मुखिया बनने की गलती पिता के जीवित रहते बेटा घर का मुखिया बनने की कोशिश न करे। भले ही बेटा कमाने लगा हो और सारा खर्च वह उठा रहा हो, लेकिन महत्वपूर्ण फैसले, पूजा-पाठ या परिवार की बड़ी जिम्मेदारियां पिता की अनुमति और उपस्थिति में ही होनी चाहिए। गरुड़ पुराण कहता है कि पिता के रहते बेटा मुखिया बन गया, तो घर में कलह और आर्थिक अस्थिरता आ सकती है।पितृकर्म नहीं करने का नियम पिता के जीवित रहते पुत्...
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