नई दिल्ली, मई 9 -- हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आमतौर पर अग्नि संस्कार को ही पवित्र और उचित तरीका समझा जाता है, क्योंकि अग्नि शरीर को पंचतत्वों में विलीन कर आत्मा को मुक्ति दिलाती है। लेकिन जब बात छोटे बच्चों या नवजात शिशुओं की आती है, तो परंपरा बदल जाती है। इन नन्हे बच्चों का अंतिम संस्कार दफनाकर किया जाता है, ना कि जलाकर। गरुड़ पुराण और अन्य शास्त्रों में इसके गहरे आध्यात्मिक कारण बताए गए हैं।बच्चों का अग्नि संस्कार क्यों नहीं किया जाता? गरुड़ पुराण के अनुसार, जिस बच्चे के दूध के दांत नहीं निकले हों या जो बहुत छोटा हो, उसका दाह संस्कार नहीं किया जाता। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को आमतौर पर दफनाने की परंपरा है। कारण यह है कि छोटे बच्चों ने अभी किसी प्रकार के कर्म नहीं किए होते हैं। उनका मन न...