नई दिल्ली, मई 16 -- हिंदू धर्म के 18 पुराणों में गरुड़ पुराण मृत्यु, मृतात्मा और उसके बाद की यात्रा का विस्तार से वर्णन करने वाला प्रमुख ग्रंथ है। इसमें मृत व्यक्ति की वस्तुओं के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम दिए गए हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद भी व्यक्ति की वस्तुओं में उसकी सूक्ष्म ऊर्जा कुछ समय तक बनी रहती है। इन्हें गलती से इस्तेमाल करने से घर में नकारात्मकता, मानसिक अशांति और बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।मृतक के कपड़ों का क्या करें? गरुड़ पुराण में सबसे सख्त नियम मृतक के कपड़ों को लेकर है। मृत व्यक्ति के कपड़े, चादर, गद्दा या बिस्तर का इस्तेमाल परिवार के सदस्यों को नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से मृतक की सूक्ष्म ऊर्जा जीवित लोगों को प्रभावित करती है, जिससे डरावने सपने, उदासी, चिड़चिड़ापन और स्वास...