गढ़वा, अक्टूबर 14 -- Garhwa News: गढ़वा, प्रतिनिधि। ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति के बावजूद संस्कारों के अभाव में समाज में नैतिक पतन बढ़ रहा है। अनीति, अत्याचार और व्यभिचार जैसी प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं। केवल कठोर कानून बनाकर इन परिस्थितियों में बदलाव नहीं लाया जा सकता। समाज को पतन से बचाने के लिए प्राचीन संस्कार परंपरा को फिर से स्थापित करने की जरूरत है। यह बातें गायत्री परिवार के विनोद पाठक ने कहीं। वह मंगलवार शाम शारदीय नवरात्र के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर में आयोजित रामकथा के तीसरे दिन प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में संस्कार परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। यह भी पढ़ें- Siwan News गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना अपनानी चाहिए: सुनील ऋषियों द्वारा निर्धारित संस्कार परंपरा मनुष्य के शारीरिक और आध्य...