नई दिल्ली, मार्च 1 -- गणगौर एक बेहद सुंदर त्योहार है जिसे 16 दिनों तक मनाया जाता है। गणगौर शब्द को समझने के लिए इसे दो अलग शब्दों में बांट सकते हैं जिसमें पहले शब्द 'गण' का अर्थ भगवान शिव और 'गौर' का मतलब देवी पार्वती है। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट मिलन का प्रतीक है।ये त्योहार होली के अगले ही दिन से शुरू हो जाता है और फिर चैत्र शुक्ल की तृतीया तिथि पर मिट्टी से बनाए गए ईसर और पार्वती को विसर्जित कर दिया जाता है। 16 दिन तक चलने वाले इस त्योहार के दौरान कुछ गीतों को भी गाया जाता है। यहां पढ़िए गणगौर के वो गीत जो जरूर गाए जाते हैं। गोर-गोर गोमती गोर गोर गोमती, इसर पूजे पार्वती म्हे पूजा आला गिला, गोर का सोना का टिका म्हारे है कंकू का टिका टिका दे टमका दे ,राजा रानी बरत करे करता करता आस आयो, मास आयो छटो छ: मास आयो, खेरो खंडो...