गंगापार, अक्टूबर 27 -- Gangapar News: घूरपुर, हिन्दुस्तान संवाद। भगवान श्रीराम दशरथ के पुत्र के रूप में केवल एक राजकुमार थे। लेकिन वह अपने स्वभाव से पूरे अयोध्यावासियों को प्रिय रहे। वही राम जब पिता और माता कैकेयी की आज्ञा से चौदह वर्ष की वन यात्रा के लिए निकले और जंगल में मिलने वाले समाज से वंचित वनवासियों को गले लगाना शुरू किया तो श्रीराम अयोध्या नरेश दशरथ के पुत्र की कही ज्यादा पहचान उनकी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के रूप में हो गई। उक्त बातें सोमवार रात परसरा बसंती गांव में जय मां शारदा रामलीला नाट्य समिति के बैनर तले शुरू हुई रामलीला मंचन का फीता काटकर उदघाटन करते हुए पूर्व प्रमुख जसरा राजीव मिश्र ने मौजूद ग्रामीणों के बीच कही।उन्होंने यह भी पढ़ें- Kausambi News: नारद मोह की लीला में दिखा अहंकार का अंत श्री राम को एक आदर्श के रूप प्र...