गंगापार, जुलाई 9 -- Gangapar News: प्रयागराज-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग और रामपुर-कोहड़ार घाट मार्ग के चौड़ीकरण से सड़कें तो आधुनिक और चौड़ी हो गईं, लेकिन इनके किनारों की हरियाली अब तक वापस नहीं लौट सकी। चौड़ीकरण के दौरान हजारों फलदार और छायादार पेड़ों की कटान हुई थी। इसके बदले वन विभाग ने कई स्थानों पर पौधरोपण कराया, लेकिन अधिकांश पौधे देखभाल के अभाव में या तो सूख गए या अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हो सके। आज भी सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक हरित पट्टी नजर नहीं आती। भीषण गर्मी में राहगीरों को लंबी दूरी तक बिना छाया के सफर करना पड़ता है और बाजार या आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने पर ही राहत मिलती है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़े पैमाने पर हुई पेड़ों की कटाई का असर स्थानीय पर्यावरण और तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। करछना निवासी सुनी...