गंगापार, अक्टूबर 15 -- राम वनवास की लीला का मंचन Gangapar News: सिरसा कस्बे में आयोजित तथा मेला चौथे दिन राम बनवास का खेल हुआ, जिसमें राजा दशरथ ने श्रीराम को युवराज बनाने की घोषणा कर दी। पूरी अयोध्या में खुशी मनाई जा रही थी। इसी समय दासी मंथरा ने राजा दशरथ की रानी कैकेई के पास पहुंच गई। रानी से बोली, "भरत को युवराज नहीं बनाया जा रहा, राम को बनाया जा रहा है। तुम्हारा बेटा पीछे रह जाएगा। मंथरा के उकसाने पर कैकेई कोप भवन में चली गई। जब दशरथ उसे मनाने आए, तब उसने वही दो पुराने वरदान माँगे। श्रीराम ने पिता के वचन को मानने के लिए सहर्ष वनवास स्वीकार कर लिया। माता कौशल्या बहुत रोईं, पर राम ने कहा पिता का वचन ही धर्म है। जब सीता जी को पता चला कि राम वन जा रहे हैं, तो उन्होंने भी साथ जाने का निश्चय कर लिया। लक्ष्मण जी ने भी कहा - "मैं भी साथ रहूँग...