गंगापार, सितम्बर 8 -- Gangapar News: कोरांव, हिन्दुस्तान संवाद। बढ़ती बीमारियों के कारण परेशान मरीज यह नहीं समझ पा रहे हैं कि यह कैसे डॉक्टर हैं। झोलाछाप से लेकर बाजारों में बिना डिग्री और पंजीकरण के दुकान खोल कर बैठे कथित डॉक्टर और पैथोलाजिस्ट पीड़ितों की लाचारी का फायदा उठा रहे हैं।आरोप है कि कोरांव संस्कृत महाविद्यालय के बगल खुले एक पैथालाजी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय कोरांव के अध्यापक जय प्रकाश तिवारी ब्लड, शुगर की जांच कराने गए। वहां के संचालक ने ब्लड शुगर टेस्ट के लिए नई निडिल न लगाकर पुरानी निडिल से जांच की। जबकि पीड़ित ने नई निडिल प्रयोग में लेने को कहा। संचालक ने कहा कि इसमे चार सुइयां होती हैं जो घुमाने पर अपने आप आ जाती हैं। जब पीड़ित ने कई मेडिकल स्टोर पर इसका पता किया तो गलत बताया गया। उसने संचालक से कहा...