श्रुति कक्कड़, सितम्बर 30 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने पड़ोसियों के बीच हुए आपसी विवाद से जुड़ी एक प्राथमिकी (FIR) को रद्द करने के बदले एक दंपति को नवरात्रि और दिवाली पर गरीब बच्चों के लिए भंडारा आयोजित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह निर्देश आरोपी दंपति की याचिका पर फैसला सुनाते हुए दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की थी। दंपति के खिलाफ यह FIR साल 2020 में हुए एक विवाद के बाद पड़ोसी महिला ने जगतपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। इस दौरान कपल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें आपराधिक धमकी देना और चोट पहुंचाना शामिल है, के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह निर्देश जस्टिस संजीव नरूला की पीठ ने 19 सितंबर को दिए अपने आदेश में दिए थे, जिसे हाल ही में जारी किया गया। अदालत ने कहा कि इस आपर...
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