फतेहपुर, अगस्त 6 -- Fatehpur News: चंद रुपये बचाने की होड़ और जिम्मेदार विभागों की अनदेखी मासूम बच्चों की जान पर भारी पड़ रही है। शहर से लेकर कस्बों तक, स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय ई-रिक्शा में क्षमता से दोगुने बच्चे बैठाए जा रहे हैं। बिना दरवाजे, सुरक्षा बेल्ट और गार्ड के मासूम बच्चे गाड़ियों के किनारों पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं। आरटीओ की कागजी कार्रवाई और पूरी तरह व्यावसायिक हो चुके स्कूल प्रशासन की चुप्पी इस खतरे को और बढ़ा रही है। अभिभावकों की यही लापरवाही कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। यह नजारा आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की पड़ताल के दौरान देखने को मिला। बिन सुरक्षा के बीच बच्चों का सफर यह भी पढ़ें- Lalitpur News: जोखिम में बच्चों की जान, शिक्षक और अभिभावक भी नहीं देते ध्यानबच्चों का खतरनाक सफर दोपहर करीब पौने दो ...