फतेहपुर, जुलाई 15 -- Fatehpur News: फतेहपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कराने वाले खुद ही विकास से अछूते हैं। दोआबा के करीब-करीब सभी ब्लाकों में बने आवासों के जर्जर होने के कारण यहां पर निवास करने वाले कर्मचारी हादसों की आशंकाओं के चलते करवट बदलते हुए रात बिताने के लिए मजबूर हो रहे हैं। कहीं तो आवासों को रेनोवेट कराया जा चुका है तो कहीं अब भी आवासों सहित कार्यालयों की छत बारिश में टपकने के साथ ही अपना स्थान छोड़ने लगी है। नतीजतन कर्मियों व अधिकारियों को या तो बाहर किराए के आवास में रहकर काम चलाना पड़ता है या फिर अपने गृह जनपदों से आवागमन की मजबूरी रहती है। ऐसे ही कुछ ब्लाकों में बने कार्यालयों व आवासों की आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने पड़ताल की पेश है एक रिपोर्ट........ यह भी पढ़ें- Fatehpur News: विकास की नींव में दरारें, कर्मचारियों को...