फतेहपुर, जुलाई 10 -- Fatehpur News: फतेहपुर। दोआबा में करीब 14 सौ सफाई कर्मचारियों की तैनाती के बावजूद यहां की सफाई व्यवस्था कागजों में चमक रही है, लेकिन हकीकत में गांवों की हालात बद से बदतर हैं। जिन सफाई कर्मियों के हाथों में झाड़ू होनी चाहिए, उनमें से कई ब्लॉक और पंचायत दफ्तरों में बाबुओं की तरह फाइलें पलट रहे है। कई की तैनाती गांवों में हैं लेकिन वह कभी तैनाती वाले गांव में नहीं पहुंचे। वह अधिकारियों के आवासोंल में चाकरी कर रहे है। जिससे अधिकांश गांवों नरक में तब्दील है। सिल्ट से जाम उफना रहीं नालियां, कीचड़ से सराबोर गलियों और गंदे पानी से उठती दुर्गंध से ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। इन गांवों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारी रोस्टर के तहत अभियान चला कर व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा कर रहे हैं, लेकि...