फतेहपुर, अक्टूबर 19 -- Fatehpur News: फतेहपुर। रबी की बुआई करीब आते ही डीएपी व यूरिया को लेकर दिक्कतें शुरू हो गई है। प्रशासनिक निगरानी तंत्र फेल होने से ओवररेटिंग के साथ खाद के साथ जिंग, सल्फर आदि सामानों की टैगिंग का असर किसानों की जेब में पड़ रहा है। जिससे खेती में लागत अधिक उत्पादन कम होने के कारण किसान आर्थिक नुकसान की चपेट में आ रहें है। हसवा ब्लाक के कोर्रा सादात के किसान रामकिशोर मौर्य सहकारी समिति में खाद नहीं मिलने पर हतास होकर थरियांव कस्बे के निजी दुकानदार के पास डीएपी खरीदनें पहुंचे। जहां उन्हें 1775 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद वसूल किए गए। साथ एक बोरी के साथ 110 रुपये के जिंक का पैकेट लेने पर जोर दिया है। किसान के असमर्थता पर दुकानदार ने डीएपी देने से इनकार कर दिया। बुआई में हो रही देरी की मजबूरी में किसान को दुकानदार की म...