फतेहपुर, अक्टूबर 27 -- Fatehpur News: फतेहपुर, संवाददाता। खजुहा में साढ़े पांच सौ से अधिक वर्षो की ऐतिहासिक वनवासी लीला की शुरुआत हुईं। परंपराओं के अनुसार शोभायात्रा की निकासी से पूर्व लंकापति रावण की आचार्यो द्वारा विधि विधान से हजारा आरती की गई। जहां जुटी हजारों की भीड़ में जय लंकेश का जयकारा गूंज उठा। आज रावण पूजन के साथ राम रावण रावण युद्ध होगा.563वीं श्री रामलीला मेला में पौराणिक परंपरा के तहत शोभायात्रा से पहले सर्वप्रथम लंकापति रावण की विशेष हजारा आरती की गई। इसके बाद मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम की आरती बाद शोभायात्रा खजुहा के प्रमुख द्वार से गाजे बाजे के साथ निकाली गई। श्रीराम दल की ओर से जयश्रीराम तो रावण दल की ओर से लंकापति रावण की जय के जयकारों का उदघोष होता रहा। यह भी पढ़ें- Hathras News: रावण का पुतला अग्नि बाण लगते ही धूं-धूं क...