फतेहपुर, अगस्त 20 -- Fatehpur News: औंग। दूषित भूजल की समस्या से जूझ रहे गोधरौली, अभयपुर, बनियाखेड़ा और आशापुर में आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की टीम पानी में मौजूद हैवी मेटल्स की पहचान करने, प्रदूषित क्षेत्रों की मैपिंग करने और प्रदूषण को फैलने से रोकने के लिए को लेकर काम शुरू कर दिया है। गुरुवार प्रभावित गांवों में पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने करीब 26 स्थानों से पानी, मिट्टी का सैम्पल लिया। टीम ने फैक्ट्रियों द्वारा अपशिष्ट डंप किए जाने वाले स्थानों की भी जांच करते हुए पांडु नदी के पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए नमूना लिया। बता दें कि गोधरौली, अभयपुर, बनियाखेड़ा और आशापुर समेत आसपास के गांवों का भूजल फैक्ट्रियों से निकले खतरनाक कचरे के कारण जहरीला हो चुका है। पानी और मिट्टी में कैंसर पैदा करने वाला क्रोमियम और मरकरी अत्यधिक मात्रा में पाए ...