फर्रुखाबाद कन्नौज, अक्टूबर 22 -- Farrukhabad Kannauj News: कायमगंज, संवाददाता। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ। अंतरराष्ट्रीय कवयित्री साक्षी तिवारी ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। लखनऊ से आईं कवयित्री शशि श्रेया ने सामाजिक विसंगतियों पर कटाक्ष करते हुए सुनाया, कुछ यहां से, कुछ वहां से मिल रहे हैं, बोरियों में गांठ बांधे मिल रहे हैं। प्रेम पूजा है अगर, तो ये बताओ, नालियों में किसके बच्चे मिल रहे हैं। प्रतापगढ़ की कवयित्री साक्षी तिवारी ने अपनी पंक्तियों कहा, यूं ख्वाबों में आवारगी चल रही है, इन पैरों में बेचारगी चल रही है। जरूरत पड़ी तो मना लूंगी तुझको, अभी खुद से नाराजगी चल रही है। ग्वालियर से आए राष्ट्रीय कवि राजकिशोर ने व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा, होंठ नदी के सूख रहे हैं, कुआं भी प्यासा है। हर चेहरे पर...