फरीदाबाद, सितम्बर 10 -- Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद भी प्रशासन ने जर्जर और कंडम भवनों को गिराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। शहर में एक साल में करीब 40 जर्जर भवनों को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से असुरक्षित घोषित किया गया है, जिनमें कभी भी हादसा हो सकता है। दिल्ली विश्वविद्यालय के समीप स्थित सत्य निकेतन में हाल ही में एक पीजी का भवन भरभरा कर अचानक गिर गया था, जिनमें करीब पांच छात्रों की मौत हो गई थी। वहीं कई घायल है। यह भी पढ़ें- सत्य निकेतन हादसा: रिहायशी इलाकों का बुरा हाल... बच्चे खेल नहीं सकते, बुजुर्ग टहल नहीं सकते- सुप्रीम कोर्टबिल्डिंग हादसे का प्रभाव स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में भी ऐसे कई जर्जर भवन है, जो सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक बने हुए है। इनमें क...