नई दिल्ली, अगस्त 11 -- नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF (Employees' Provident Fund) रिटायरमेंट के लिए बचत का सबसे अहम जरिया माना जाता है। हर महीने सैलरी से एक तय हिस्सा EPF में जाता है और कर्मचारी के साथ-साथ नियोक्ता भी योगदान करता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह निवेश लंबे समय तक अपने आप चलता रहता है और इस पर मिलने वाला ब्याज भी समय के साथ जुड़ता रहता है। यही वजह है कि कई कर्मचारियों को लगता है कि अगर उनकी सैलरी अच्छी है, तो केवल EPF के जरिए ही रिटायरमेंट तक करोड़ों रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। लेकिन, सवाल यह है कि अगर आज आपकी सालाना सैलरी Rs.15 लाख है, तो क्या सिर्फ EPF से 60 साल की उम्र तक Rs.5 करोड़ का कॉर्पस बन सकता है? आइए इस गणित को जरा विस्तार से समझते हैं। यह भी पढ़ें- 55 या 58 साल? जानें PF खाते में कब बंद हो जाता है ब्याज मिलना, EPFO क...