नई दिल्ली, जुलाई 11 -- सरकार ने माना है कि कच्चे तेल की मौजूदा कीमतों पर शुद्ध पेट्रोल के मुकाबले E20 पेट्रोल बनाना अभी महंगा है और इससे कुछ गाड़ियों में फ्यूल इकॉनमी 3-5% तक कम हो सकती है। इसके अलावा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि सरकारी बैंकों ने पिछले कुछ सालों में एथनॉल प्रोडक्शन और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हर साल लगभग 1 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। अगर E20 पेट्रोल से वापस E10 पेट्रोल पर जाने का कोई कदम उठाया जाता है तो ये निवेश खतरे में पड़ सकते हैं। सरकार को है ये डर सरकार ने अपनी नीति का बचाव करते हुए चेतावनी दी कि पिछले कुछ वर्षों में एथनॉल इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए भारी निवेश के बेकार हो जाने का जोखिम है। मंत्रालय ने पूछा- अगर यह क्षमता बनाने के बाद हम मनमाने ढंग से वापस E10 पर लौटते हैं तो इन निवेशों का ...