नई दिल्ली, सितम्बर 20 -- दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (डूसू) चुनाव में वाइस प्रेसिडेंट पोस्ट पर निर्दलीय जीते दीपांशु शौकीन की जमकर चर्चा हो रही है। दीपांशु डूसू चुनावों के इतिहास में पहले ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने बतौर निर्दलीय वाइस प्रेसिडेंट पद पर जीत हासिल की है। दीपांशु को कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन एनएसयूआई की ओर से टिकट नहीं मिला था जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय ही मैदान में उतरने का फैसला लिया। दीपांशु ने कांग्रेस की हार की कुछ वजहों का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि जमीन स्तर पर बहुत बड़ा गैप है। इसके साथ ही उन्होंने अंदरूनी राजनीति का भी जिक्र किया है। दीपांशु ने कहा 'लीडरशीप और सीनियर लीडरशीप को भी ये समझना चाहिए कि जो लोग जमीन पर हैं उनके साथ इनका कनेक्शन नहीं है। वे जमीनी स्तर पर मौजूद नहीं रहते और पता नहीं रहता क...