दुमका, जुलाई 5 -- Dumka News: दुमका। जहां आजकल जन्मदिन पर हजारों रुपये खर्च कर पार्टियां और केक काटने का चलन बढ़ रहा है, वहीं दुमका प्रखंड के धतिकबोना गांव के एक गरीब आदिवासी मजदूर ने अपने जन्मदिन को समाज सेवा का माध्यम बनाकर मिसाल पेश की।

समाज सेवा का तरीका घरें रंगाई-पुताई कर परिवार चलाने वाले प्रदीप मुर्मू ने अपने 27वें जन्मदिन पर केक काटने के बजाय बच्चों के बीच कॉपी-कलम बांटी और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया। प्रदीप मुर्मू कई वर्षों से गांव में आदिवासी सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

साप्ताहिक पूजा आयोजन वे प्रत्येक रविवार बच्चों के साथ साप्ताहिक मांझी थान पूजा का आयोजन करते हैं, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे। रविवार को जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने सबसे पहले गांव के मांझी...