नई दिल्ली, मार्च 12 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस में जुलूसों, रैलियों और विरोध-प्रदर्शनों पर लगे बैन को गलत बताया, साथ ही कहा कि उसका मानना है कि इस तरह का पूर्ण प्रतिबंध लगाया भी नहीं जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने इस मामले में दिल्ली विश्व विद्यालय और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए हफ्ते भर के अंदर इस मसले पर जवाब भी मांगा है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा करना मौलिक अधिकार है। पुलिस और प्रशासन प्रतिबंधों के साथ अनुमति दे सकते हैं, लेकिन पूरी तरह से रोक लगाना बिल्कुल अनुचित है। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने हैरानी जताई और कहा, 'यह आदेश कब से लागू है और इसे 10 दिन और लागू रहने दें'। साथ ही उन्हो...
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