हेमलता कौशिक, अप्रैल 8 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसले में सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले 17 अभ्यर्थियों को राहत दी है। अदालत ने कहा कि इनकी उम्मीदवारी ई-डॉसियर भरने में देरी के आधार पर खारिज की गई, जबकि वास्तविक गलती दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) की थी। इनको नौकरी देने के आदेश दिए गए हैं। न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने कहा कि लिखित परीक्षा और अन्य मापदंड पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को एसएमएस या ई-मेल के जरिए ई-डॉसियर भरने की सूचना देना जरूरी था, जो नहीं दी गई। ऐसे में उम्मीदवारों को एक दशक से अधिक समय तक नुकसान उठाना पड़ा। राहत पाने वाले अभ्यर्थियों ने 2014 से 2017 के बीच विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया था और सभी चरण पास किए थे। इसके बावजूद तकनीकी आधार पर उनकी उम्मीदवारी रद्द कर ...
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