धनबाद, अक्टूबर 25 -- Dhanbad News: अश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा पर रविवार को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं की छटा बिखेरेगा। सनातन धर्म में इसका विशेष महत्व है। मान्यता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात आसमान से अमृत बरसता है, इसलिए खुले आसमान के नीचे खीर रखने की परंपरा है। मान्यता है कि सुबह अमृत युक्त खीर खाने से रोग-व्याधि दूर होती है। बंगाली समाज की लक्खी पूजा यह भी पढ़ें- Purnia News: मां लक्ष्मी जागने वाले भक्तों को देती हैं आशीर्वादबंगाली समुदाय की लक्खी पूजा बंगाली समुदाय इसे लक्खी पूजा के रूप में मनाता है। रविवार को जहां दुर्गा प्रतिमा स्थापित थी, वहां लक्ष्मी प्रतिमा स्थापित कर पूजा होगी। हरि मंदिर, हीरापुर दुर्गा मंडप, कोयला नगर दुर्गा मंडप, जगधात्री क्लब सहित सभी मंड...