धनबाद, अगस्त 29 -- Dhanbad News: धनबाद, वरीय संवाददाता। गुरु और गोविंद जीवन के दो ऐसे स्तंभ हैं, जिनके सामने कपट, दिखावा या मिलावट नहीं चलती। गुरु हमें गोविंद तक पहुंचाते हैं। यदि हम गुरु के सामने छल करें या भगवान के सामने दिखावा करें तो हमारी भक्ति निष्फल हो जाती है। गुरु के सामने सच्चाई रखें, भगवान के सामने निष्कपट भाव रखें और भक्ति में मिलावट नहीं, समर्पण होना चाहिए। यह बातें कथावाचक सुरेंद्र हरिदास जी ने कही। वह शुक्रवार सावन पूर्णिमा के दिन बलियापुर रोड स्थित सुबाला हाईलेंड सिटी दुर्गा मंदिर प्रांगण में में आयोजित श्रीमदभागवत कथा में प्रचवन के कर रहे थे। कथा के अंतिम दिवस पर पूरा परिसर कृष्ण की भक्ति के रंग में रंग गया। यह भी पढ़ें- Dhanbad News: अहंकार त्यागकर ही प्रभु की भक्ति में मिलता है सच्चा आनंद कथा सफल बनाने में मुख्य यजमान प...