धनबाद, अक्टूबर 30 -- Dhanbad News: सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की राशि का भुगतान नियमों के फेर में फंसा हुआ है। स्थिति यह है कि चालू वित्तीय वर्ष के सात महीने में अब तक मात्र चार दिन का कुकिंग कॉस्ट मिला है। ऐसे में शिक्षक मध्याह्न भोजन कैसे संचालित करें और बकाया भुगतान कैसे हो, इसको लेकर चिंतित हैं। शिक्षकों ने कहा कि फंड के अभाव में एमडीएम बंद होने पर शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गाज गिरती है। इससे बचने के लिए हेडमास्टर अपने वेतन की राशि को एमडीएम संचालन में खर्च कर रहे हैं। अब विभाग के नए नियमों ने बकाया भुगतान मामले में परेशानी बढ़ा रही है। राज्य मुख्यालय की ओर से इस मद की राशि करीब एक माह पूर्व ही सभी जिला कार्यालयों को हस्तांतरित कर दी गई थी, लेकिन स्कूलों को यह राशि नहीं मिली है। यह भी पढ़ें- Ranchi N...