धनबाद, नवम्बर 2 -- Dhanbad News: सिंदरी के डोमगढ़ में चल रही सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन रविवार को श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवाचिका पंडित गौरांगी गौरी के मुखारविंद से बरस रही अमृत वर्षा को सुनने के लिए भक्तगण बड़ी संख्या में पहुंचे। कथा के दौरान हुए भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह प्रसंग और दिव्य महारास के वर्णन ने सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध और भावविभोर कर दिया। पूज्या गौरांगी गौरी ने महारास की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण लीला के महारास में वास्तव में जीवात्मा का परमात्मा से मिलन हुआ था। जीव और परमात्मा तत्व ब्रह्मा के इसी पावन मिलन को महारास कहते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जब भी जीव के भीतर अभिमान आता है, वह भगवान से दूर हो जाता है। परंतु, जब जीव भग...