देवरिया, सितम्बर 12 -- Deoria News: बरहज, हिन्दुस्तान संवाद। भीषण बाढ़ ने लहलहाती धान, मक्का, मुंगफली, अरहर आदि फसल को भी लील लिया है। किसानों में त्राहिमाम की स्थिति है। अब उनके सामने खेती का कोई ठोस विकल्प नहीं बचा है। खेत के साथ-साथ घर भी खाली हो चुके हैं। किसानों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई हैं। बैंक या साहुकार से कर्ज लेकर खेती करनेवाले कृषकों पर तो विपत्ति का पहाड़ ही टूट पड़ा है। यह भी पढ़ें- बाढ़ में चारे की किल्लत, 15 दिनों में दूध उत्पादन में सवा लाख लीटर की आई कमीकिसानों की चिंता उन्हें अपने परिवार के भरण- -पोषण की चिंता सताने लगी हैं। सारे अरमानों पर बाढ़ ने पानी फेर दिया है। उनके बच्चे कैसे पढ़ पाएंगे? परिवार में अगर कोई बीमार पड़ता है तो उनका इलाज कराना कैसे संभव हो पाएगा? इन्हीं चिताओं के बीच दिन काटने को विवश हैं।...