देवरिया, अक्टूबर 27 -- Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। दूध की मांग और आपूर्ति में भारी अंतर का फायदा मिलावट खोर उठा रहे हैं। जिले में प्रतिदिन 90 हजार लीटर दूध की डिमांड है, लेकिन उत्पादन महज 35 हजार लीटर है। ऐसे में मिलावट से त्योहार में खोवा की तीन गुना डिमांड की पूर्ति की जाती है। वहीं पैकेट बंद दूध से 60 फ़ीसदी मांग की आपूर्ति हो रही है। जिले में 9 कंपनियों के पैकेट बंद दूध की बिक्री की जाती है। जबकि डेयरी से महज 40 फीसदी दूध की आपूर्ति होती है। पशुधन की घटती संख्या का असर दूध के उत्पादन पर पड़ रहा है। दुग्ध उत्पादन समितियों की घटती संख्या के चलते उसरा बाजार स्थित दुग्ध अवशीतन केंद्र भी मांग के अनुसार दूध की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। इसका फायदा मिलावट खोर उठा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों में 50 फीसदी से अधिक...