देवरिया, अगस्त 10 -- Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। नागरी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में द्वितीय रविवारीय कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवियों ने रचना प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी। इसका शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि जयंती ओझा ने अपनी रचना मणिकर्णिका के बारे में बताया।

मुख्य अतिथि का स्वागत कहा कि मणिकर्णिका मेरे लिए पुस्तक नहीं, संवादों का तीर्थ है। उन्होंने कहा कि किताबों का सफर शब्द से आगे जाता है, जिसमें हर पाठक एक अर्थ पाता है। उन्होंने पुस्तक से मिट्टी और मूर्ति शीर्षक कविता सुनाई। सर्वप्रथम गीतकार दयाशंकर कुशवाहा ने जान ली गर वेदना इंसान की, हो गई पूजा तेरे भगवान की गीत प्रस्तुत कर गोष्ठी को सार्थक दिशा दी।

सभी कवियों की रचनाएँ भीम प्रजापति ने सावन झूम-झूम बरसे...गीत सुनाया। विनय कुमार पाठक ने गजल-दिल बड़ा हो त...