देवघर, अक्टूबर 14 -- Deogarh News: जसीडीह,प्रतिनिधि। रोहिणी गढ़ी ठाकुरबाड़ी स्थित दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा की आराधना की परंपरा करीब 300 वर्षों से चली आ रही है। तांत्रिक विधि-विधान से होने वाली पूजा, प्रतिपदा से महानवमी तक बलिदान की परंपरा और अखंड ज्योति इस मंदिर को विशिष्ट पहचान देती है। बताया जाता है कि शारदीय नवरात्र में यहां दर्शन-पूजन के लिए रोहिणी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को कलश स्थापना के साथ पूजा शुरू होती है। इसके बाद महानवमी तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। महाअष्टमी और महानवमी को विशेष पूजा-अर्चना होती है। मंदिर के मुख्य आचार्यों के अनुसार इसे सिद्धपीठ के रूप में मान्यता प्राप्त है। जहां तंत्र साधना और पारंपरिक पूजा-पद्धति का विशेष महत्व है...