देवघर, अक्टूबर 13 -- Deogarh News: सारठ प्रतीनिधि सारठ मुख्य चौक से सटे श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर में 47 वर्षों से दुर्गा पूजा की जा रही है। ब्रह्मलीन कश्मीरी बाबा सीताराम दास ने एक छोटे से आश्रम में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की शुरुआत की थी। वही आश्रम आज सारठ के प्रमुख पूजा स्थलों में एक बन गया है। हालांकि आज भी मां दुर्गा का मंदिर नहीं बन सका है, छोटे से कमरे में उनके शिष्य महंत रामदास द्वारा आश्रम का संचालन व देखरेख की जा रही है। वर्तमान में पूजा संचालन वैष्णवी दुर्गा पूजा समिति सारठ द्वारा किया जा रहा है। समिति अध्यक्ष मुख्य पुजारी पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि मंदिर में प्रतिपदा तिथि को ही माता की प्रतिमा वेदी पर विराजमान हो जाती है। यह भी पढ़ें- Supaul News: सुपौल : 23 वर्षों से विशनपुर में मां दुर्गा की आराधना, वैष्णवी प...