देवघर, अगस्त 3 -- Deogarh News: श्रावण मास की सोमवारी को शिवालयों में शिव पूजन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ता है। झारखंड राज्य का सांस्कृतिक राजधानी के नाम से विख्यात वैद्यनाथधाम देवघर के दशों दिशाओं से चमत्कारिक उत्साह का आवेश उभरता है। बोल बम का उदघोष महामंत्र आवोहवा में स्थाई हो जाता है। शिव व्यापकता का यह अहसास कोसों-कोस तक श्रद्धालु महसूस करते हैं। देवघर बाबाधाम में जलापर्ण करने के बाद सुदूरवर्ती क्षेत्र में अवस्थित शिवालयों में भी श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए पहुंचते हैं। इसमें शिव मंदिर गोसुआ दुखहरण धाम एक प्रमुख मंदिर हैं गोसुआ धाम की विशेषता :- यह भी पढ़ें- Gridih News: हमारे शिवालय: 1925 में स्वयं-भू अवतरित हुए हैं नवडीहा के सर्वेश्वरनाथ बाबामंदिर की कथा मंदिर के पुजारी कृष्ण्चन्द्र मिश्र बताते हैं कि दिवंगत पुजारी स्व. नारायण मिश्र...