देवघर, अक्टूबर 16 -- Deogarh News: मधुपुर,प्रतिनिधि। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा समस्तीपुर, बिहार के वैज्ञानिक जीतपुर, चेचाली, कानो जैसे आदिवासी बहुल गांवों में सौ से ज्यादा आदिवासी महिलाओं को विभिन्न औषधीय पौधों के वितरण के साथ उनके संरक्षण और उत्पादन तकनीक का प्रशिक्षण दे रहे हैं। विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर और परियोजना प्रमुख डॉ. दिनेश राय ने बताया कि बाजार में औषधीय पौधों की मांग बढ़ने के कारण जंगलों में पाए जाने वाले पौधों का अवैध रूप से दोहन हो रहा है। जिसके कारण कुछ प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। परियोजना का एक मुख्य उद्देश्य इन पौधों को खेतों में उगाकर संरक्षित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार परंपरागत फसलों की तुलना में औषधीय पौधों से किसानों को अधिक आमदनी हो सकती है और कई पौधे कम उपजाऊ जमीन ...