नई दिल्ली, अक्टूबर 21 -- Delhi News: नई दिल्ली, का.सं.। सड़क हादसे में मौत होने का मतलब यह नहीं है कि इसके लिए किसी व्यक्ति को ही दोषी ठहरा दिया जाए। कई बार हादसा महज एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना होती है। साकेत कोर्ट ने करीब नौ साल पुराने सड़क हादसे के मामले में यह टिप्पणी करते हुए आरोपी कार चालक को बरी कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी यशदीप चहल की कोर्ट ने कहा, जानलेवा हादसों के बाद अकसर आपराधिक मुकदमे दर्ज होते हैं। हालांकि, हर हादसे के लिए किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है। कुछ हादसों के लिए नियति भी जिम्मेदार होती है।मामला 23 जून 2017 का है। हौज खास पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सड़क हादसा हुआ था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी अखिलेश वहल की कार की टक्कर से इम्तियाज अहमद की मौत हो गई थी। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए ग...