नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- Delhi News: - फैसला - नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। कड़कड़डूमा अदालत ने हत्या, दंगा, गैर-कानूनी भीड़ जुटाने जैसे आरोपों का सामना कर रहे आठ लोगों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। हालांकि, इनमें से सात आरोपियों को निषेधाज्ञा का पालन न करने का दोषी ठहराया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि फरवरी 2020 में खजूरी खास पुलिस थाने में दर्ज हिंसा व हत्या के एक मामले में इन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान ऑटो चालक बाबू की कथित हत्या से जुड़ा है। कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह की अदालत ने आरोपी सचिन गुप्ता उर्फ ​​मोपी को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। अन्य सात आरोपियों कुलदीप, हरजीत सिंह, अजय उर्फ ​​राहुल, सचिन रस्तोगी, भरत भूषण, स...