देहरादून, नवम्बर 7 -- Dehradun News: हरिद्वार। हरिद्वार में मानव आबादी के नजदीक विचरण करने वाले करीब 55 वर्षीय जंगली हाथी को बचाने के लिए वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने पूरी ताकत लगा दी, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। देवपुरा बीट में हाथी की तबीयत बिगड़ने पर उसे ऑक्सीजन देने के साथ सीपीआर और आपातकालीन उपचार भी किया गया। इसके बावजूद उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में हाथी के हृदय में गंभीर विकार मिलने की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, मायोकार्डियल फाइब्रोसिस और कार्डियोमायोपैथी जैसी बीमारियां उसकी मौत की वजह बनीं। वन विभाग के अनुसार, यह हाथी लंबे समय से हरिद्वार शहर और आसपास की आबादी के नजदीक विचरण कर रहा था। उसकी आवाजाही कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों में भी देखी जा रही थी। मानव-हाथी संघर्ष की आशंका को देखते हुए हाथी मॉनिट...