देहरादून, अगस्त 4 -- Dehradun News: देहरादून। वरिष्ठ संवाददाता सरस्वती विहार विकास समिति की ओर से शिव शक्ति मंदिर अजबपुर खुर्द में मंगलवार को भी शिव महापुराण कथा जारी रही। इस दौरान आचार्य श्री महामाया प्रसाद ने कहा कि शिव महापुराण वास्तव में संस्कारों की कथा है। यह भी पढ़ें- Dehradun News: माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा तीर्थकथा का महत्व आचार्य प्रसाद ने भगवान शिव के पुत्रों कार्तिकीय और गणेश जी की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जो पुत्र अपने माता-पिता को भगवान के रूप में पूजता है, वही समाज में पूजनीय बनता है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में हम बच्चों को लौकिक शिक्षा तो दे रहे हैं, परंतु संस्कार देने में पीछे रह जा रहे हैं। लौकिक शिक्षा से केवल अच्छी नौकरी और सेवा प्राप्त हो सकती है, लेकिन माता-पिता का सम्मान करने वाला पुत्र केवल सनातन...